जमशेदपुर से लगभग 57 किमी दूर स्थित अमादुबी एक छोटा सा लेकिन बेहद खास गांव है। यह गांव अपने पारंपरिक पाटकर स्क्रॉल पेंटिंग के लिए पूरे झारखंड में प्रसिद्ध है। यहां लगभग 50 से अधिक चित्रकार परिवार रहते हैं, जो पीढ़ियों से इस कला को संभालते आ रहे हैं।


अगर आप शहर की भीड़-भाड़ से दूर आदिवासी कला, संस्कृति और सादगी भरा जीवन करीब से देखना चाहते हैं, तो अमादुबी आपके लिए एक बेहतरीन जगह है।
पाटकर स्क्रॉल पेंटिंग की पहचान
अमादुबी को “पाटकर आर्ट विलेज” भी कहा जाता है। यहां के कलाकार पेड़ों की पत्तियों और छाल से बने स्क्रॉल पर चित्र बनाते हैं। इन चित्रों में महाकाव्यों, लोककथाओं, देवी-देवताओं और ग्रामीण जीवन के दृश्य दिखाई देते हैं।
सबसे खास बात यह है कि पर्यटक सीधे कलाकारों के घर जाकर उनसे बातचीत कर सकते हैं और उनके बनाए चित्र खरीद सकते हैं। यहां हर घर की दीवारें खुद एक कला प्रदर्शनी जैसी लगती हैं।
गांव की खूबसूरती और माहौल
यह गांव पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ ब्लॉक में स्थित है। चारों तरफ हरियाली, शांत वातावरण और मिट्टी की खुशबू इस जगह को खास बनाती है।
अमादुबी में आप:
- आदिवासी नृत्य और लोकगीत देख सकते हैं
- पारंपरिक भोजन का स्वाद ले सकते हैं
- ग्रामीण जीवन को करीब से समझ सकते हैं
- परिवार या दोस्तों के साथ पिकनिक मना सकते हैं
यहां रहने की सुविधा भी उपलब्ध है। दो कॉटेज और एक छात्रावास पर्यटकों के लिए बनाए गए हैं। खासकर पूर्णिमा की रात में यहां रुकना एक अलग ही अनुभव देता है। बांस और लकड़ी से बने कॉटेज गांव की सादगी और सुंदरता को और बढ़ाते हैं।


अमादुबी कैसे पहुंचे?
जमशेदपुर से
रेल मार्ग:
आप Jamshedpur से ट्रेन द्वारा Dhalbhumgarh या Ghatshila स्टेशन तक जा सकते हैं। वहां से अमादुबी की दूरी लगभग 12 किमी है। स्टेशन से कैब या ऑटो लेकर गांव पहुंचा जा सकता है।
सड़क मार्ग:
सड़क मार्ग से जाना ज्यादा सुविधाजनक है। NH18 से चिरुगोरा तक जाएं, फिर वहां से बाएं मुड़ें। वहां से अमादुबी गांव लगभग 5 किमी दूर है। अपने वाहन (बाइक/कार) से जाना बेहतर रहेगा।
कोलकाता से
रेल मार्ग:
Kolkata से भी आप धालभूमगढ़ या घाटशिला तक ट्रेन से आ सकते हैं। वहां से कैब या ऑटो लेकर अमादुबी पहुंच सकते हैं।
सड़क मार्ग के दो मुख्य रास्ते:
- NH16, NH49 और NH18 (लगभग 237 किमी)
कोलकाता → बागनान → कोलाघाट → खड़गपुर → बहरागोड़ा → धालभूमगढ़ → अमादुबी
(इस रास्ते पर टोल टैक्स है) - SH2 (लगभग 298 किमी)
कोलकाता → डांकुनी → आरामबाग → जॉयपुर → मानबाजार → महुलिया → घाटशिला → अमादुबी
(इस रास्ते पर भी टोल है)
क्यों जाएं अमादुबी?
- झारखंड की असली आदिवासी कला देखने के लिए
- पाटकर स्क्रॉल पेंटिंग खरीदने के लिए
- शांत और प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने के लिए
- गांव की संस्कृति और परंपरा को करीब से समझने के लिए


अमादुबी सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि यह कला, संस्कृति और सादगी भरे जीवन का जीवंत उदाहरण है। अगर आप झारखंड की असली पहचान को महसूस करना चाहते हैं, तो एक बार यहां जरूर जाएं।
