3 मार्च का इतिहास: जमशेदपुर में क्यों मनाया जाता है Founder’s Day? | Jamshedpur History

जमशेदपुर केवल एक औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि एक सपने, सोच और दूरदृष्टि का परिणाम है। हर साल 3 मार्च को यह शहर गर्व और सम्मान के साथ एक खास दिन मनाता है। यह दिन है संस्थापक दिवस (Founder’s Day), जो समर्पित है भारत के महान उद्योगपति जमशेदजी नुसरवानजी टाटा को।

आइए जानते हैं कि 3 मार्च जमशेदपुर के इतिहास में इतना महत्वपूर्ण क्यों है।

3 मार्च 1839 को गुजरात के नवसारी में जमशेदजी नुसरवानजी टाटा का जन्म हुआ था। वे टाटा समूह के संस्थापक थे और भारत के औद्योगिक विकास में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

उनकी सोच केवल व्यापार तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे एक ऐसे आधुनिक भारत का निर्माण करना चाहते थे जहाँ उद्योग, शिक्षा और विज्ञान का विकास हो। इसी दूरदृष्टि के कारण जमशेदपुर जैसे सुव्यवस्थित औद्योगिक शहर की नींव पड़ी।

Founder’s Day
Founder’s Day

जमशेदजी टाटा ने भारत में इस्पात उद्योग स्थापित करने का सपना देखा था। उनके इस सपने को उनके उत्तराधिकारियों ने साकार किया और टाटा स्टील की स्थापना हुई।

बाद में इस शहर का नाम उनके सम्मान में “जमशेदपुर” रखा गया। यह शहर भारत का पहला सुव्यवस्थित औद्योगिक नगर माना जाता है, जहाँ आधुनिक शहरी सुविधाओं की योजना पहले से बनाई गई थी।

जमशेदपुर में 3 मार्च को हर साल “Founder’s Day” के रूप में मनाया जाता है। यह दिन जमशेदजी टाटा की जयंती के रूप में समर्पित है।

बताया जाता है कि 1932 से इस दिन को औपचारिक रूप से मनाने की परंपरा शुरू हुई, और तब से यह दिन शहर के लिए एक उत्सव बन चुका है।

3 मार्च को जमशेदपुर का माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो जाता है। इस दिन शहर में कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं:

1. श्रद्धांजलि समारोह

टाटा स्टील और शहर के प्रमुख संस्थानों द्वारा जमशेदजी टाटा को श्रद्धांजलि दी जाती है।

2. जुबली पार्क की भव्य सजावट

जुबली पार्क को रंग-बिरंगी लाइटों और आकर्षक सजावट से सजाया जाता है। हजारों लोग इस रोशनी को देखने आते हैं।

3. सांस्कृतिक कार्यक्रम और परेड

शहर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएँ और विभिन्न सामाजिक आयोजन किए जाते हैं।

4. सामाजिक पहल

इस दिन कई सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं, जो जमशेदजी टाटा की सामाजिक सोच को दर्शाते हैं।

Founder’s Day
Founder’s Day

3 मार्च सिर्फ एक जयंती नहीं है, बल्कि यह दिन है:

  • शहर की औद्योगिक विरासत को याद करने का
  • जमशेदजी टाटा की दूरदृष्टि और योगदान को सम्मान देने का
  • और जमशेदपुर के गौरव को महसूस करने का

यह दिन हर जमशेदपुरवासी के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक है।

जमशेदपुर का 3 मार्च का इतिहास हमें यह सिखाता है कि एक व्यक्ति की दूरदृष्टि पूरे शहर और देश की दिशा बदल सकती है। जमशेदजी टाटा ने जो सपना देखा था, वह आज भी इस शहर की सड़कों, उद्योगों और लोगों की सोच में जीवित है।

इसलिए 3 मार्च केवल एक तारीख नहीं, बल्कि जमशेदपुर की पहचान और सम्मान का दिन है।

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