झारखंड के पर्यटन मानचित्र पर जल्द ही एक नया और ऐतिहासिक नाम जुड़ने जा रहा है। जमशेदपुर स्थित डालमा वन्यजीव अभयारण्य (Dalma Wildlife Sanctuary) में राज्य का पहला ग्लास ब्रिज और हैंगिंग रेस्टोरेंट बनाए जाने की योजना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत ₹100 करोड़ बताई जा रही है।
यह प्रोजेक्ट डालमा को केवल एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में विकसित करेगा।
डालमा टूरिज्म प्रोजेक्ट की मुख्य जानकारी
📍 स्थान: डालमा वन्यजीव अभयारण्य, जमशेदपुर
- कुल लागत: ₹100 करोड़
- प्रमुख आकर्षण: ग्लास ब्रिज और हैंगिंग रेस्टोरेंट
- उद्देश्य: अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल विकसित करना
डालमा DFO सबा आलम अंसारी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव वन विभाग मुख्यालय को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
कैसा होगा डालमा का ग्लास ब्रिज?
डालमा में बनने वाला ग्लास ब्रिज झारखंड का पहला होगा, जिसे राजगीर (बिहार) के ग्लास ब्रिज और चीन के हैंगझोउ ग्लास ब्रिज की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
ग्लास ब्रिज की खास बातें:
- लगभग 200 फीट लंबा
- दो पहाड़ियों को जोड़ेगा
- नीचे गहरी खाई होगी
- पारदर्शी कांच से बना होगा
- पर्यटकों को हवा में चलने जैसा अनुभव देगा
- जंगलों और पहाड़ियों का 360 डिग्री व्यू मिलेगा
यह ब्रिज खासतौर पर एडवेंचर लवर्स और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए बड़ा आकर्षण होगा।
झारखंड का पहला हैंगिंग रेस्टोरेंट
ग्लास ब्रिज के पास ही झारखंड का पहला हैंगिंग रेस्टोरेंट बनाया जाएगा, जो इस परियोजना की सबसे खास खासियतों में से एक होगा।
हैंगिंग रेस्टोरेंट की विशेषताएं:
- जमीन से 35 से 100 फीट की ऊंचाई पर
- जंगल के ऊपर हवा में लटका हुआ
- लग्ज़री डाइनिंग और एडवेंचर का अनोखा संगम
- खाने के साथ शानदार प्राकृतिक नज़ारे
यह अनुभव पर्यटकों को किसी एडवेंचर फिल्म जैसा एहसास देगा।
इको-फ्रेंडली कॉटेज की भी होगी सुविधा
डालमा आने वाले पर्यटकों के लिए 30 आधुनिक और इको-फ्रेंडली कॉटेज भी बनाए जाएंगे। इस पर लगभग ₹12 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इन कॉटेज में:
- प्रकृति के बीच शांत वातावरण
- पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता
- ओवरनाइट स्टे की बेहतर सुविधा
मिलेगी।
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
इस मेगा टूरिज्म प्रोजेक्ट से आसपास के गांवों के लोगों को बड़ा फायदा होगा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से:
- स्थानीय युवाओं को रोजगार
- दोना-पत्तल, महुआ अचार और हस्तशिल्प की मांग बढ़ेगी
- छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा
इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
झारखंड टूरिज्म को मिलेगी नई पहचान
डालमा का यह प्रोजेक्ट झारखंड पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देगा। ग्लास ब्रिज, हैंगिंग रेस्टोरेंट और नेचर स्टे का यह अनोखा कॉम्बिनेशन डालमा को पूर्वी भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल कर सकता है।
